Agar Yakin Nahi Ata To Aazmaye Mujhe

अगर यकिन नही आता तो आज़माये मुझे
वो आईना है तो फिर, आई ना दिखाये मुझे
अजब चिराग़ हूँ  दिन-रात  जलता रहता हूँ
मै थक गया हूँ,  हवा  से कहो  बुझाये  मुझे

Agar  Yaqin  Nahi  Aata   To   Azmaye   Mujhe
Wo Aaina Hai To Phir, Aaina Dikhaye  Mujhe
Ajab Chirag Hun,  Din-Raat  Jalta .
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Jab Mayusi Dilon Pe Chha Jati Hai

जब    मायूसी     दिलों    पे    छा   जाती  है
दुश्मन   से   भी   तेरा    नाम  जपवाती   है
मुमकिन है कि सुख में भूल जाएँ अतफ़ाल
लेकिन  उन्हे  दुख  में  माँ  ही याद आती है

Jab   Maayusi    Dilon   Pe    Chhaa   Jati    Hai
Dushman .
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Phoolon Ki Rakhiyali Wo Kya Jane

फूलो की रखियाली वो क्या जाने एक माली की तरह
जो चमन  को  खुद  सजाता  है  एक  खुशबु की तरह
अंधे हो गये  दोलतमंद   दोलते – शोहरत के नशे में
जिस के  घर  बंजर  बन  गये  एक  ख़ाक  की  तरह

Phoolon Ki Rakhiyali Wo Kya Jane Ek Mali Ki Tarah
Jo Chaman Ko.
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Phoolon Ki Rakhiyaali

Majboor Hokar Bhi Kuch Nahi Kar Sakte

मजबूर होकर भी हम कुछ नहीं कर सकते
अंधेरो में रहकर भी उजाला नहीं कर सकते
जब खता आखरी तक सजा बन जाती हे
तब जिंदगी जीने का होसला नहीं बढ़ा सकते

– Zuber siraj

Majboor Hokar Bhi Kuch Nahi Kar Sakte

Apne Banaye Usoolo Pe

अपने  बनाये  उसूलो  पे   चलता  रहा हु में
नेक  लोगो  की  बद- दुआ  ले   गया  हूं  में
कुछ जंग जीत ली है मेने जुल्मो सितम से
जाने  अपने  आपको  खुदा  कह गया हूं में

Apne Banaye Usoolo Pe Chalta Rahaa Hun Mein
Nek  Logo  Ki  Bad-dua  Le  Gaya  Hun  Mein
Kuch  Jang   Jit Li.
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Halat Ke Kadmo Me

हालात के  कदमों  में  कलंदर नही गिरता
टूटे जो सितारा तो जमीन पे   नही गिरता
गिरते है समन्दर में बड़े शोक   से  दरिया
लेकिन किसी दरिया में संदर नही गिरता

Halat Ke Kadmo Me

Yaad Karenge Vo Hame Yaad Karege

हम याद करेंगे वो हमे याद करेंगे
यूं ही दिले बरबाद को आबाद करेंगे
उजड़े हुए दिल को मेरे आबाद करेंगे
बरबादे मुहब्बत को न बरबाद करेंगे

Hum Yaad Karenge Wo Hume Yaad Karenge
Yun Hi Dile Barbad Ko Aabad Karenge
Ujde Huye Dil Ko Mere Aabad Karenge
Barbade Muhabbat Ko Na Barbad Karenge

Shahe Madina

Ajab Cheez Hai  Ihsq-E-Shahe  Madina
Yahi  To  Hai  Ishq-E-Haqiqi `ka Jeena
Hai  Ma`moor  Us  Ishq  Se   Jiska Sina
Usi  ka  Hai  Marna Usi  ka   Hai  Jeena

अजब  चीज़  है  इश्क  शाहे  मदीना
यहीं  तो  है  इश्के  हकीकी का जीना
है मामूर उस इश्क से जिसका सीना
उसीका  है  मरना   उसीका है जिना