Majboor Hokar Bhi Kuch Nahi Kar Sakte

मजबूर होकर भी हम कुछ नहीं कर सकते
अंधेरो में रहकर भी उजाला नहीं कर सकते
जब खता आखरी तक सजा बन जाती हे
तब जिंदगी जीने का होसला नहीं बढ़ा सकते

– Zuber siraj

Majboor Hokar Bhi Kuch Nahi Kar Sakte